कलाकारों ने सदैव नशे से दूर रहने का संकल्प लेने का किया आह्वान            
November 23, 2019 • Yogesh Sharma

धर्मशाला।  सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग कांगड़ा के कलाकारों ने युवाओं से सदैव नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।  


वे आज शनिवार को मादक पदार्थ निषेध एवं नशा निवारण अभियान के तहत चलाए जा रहे  जागरूकता कार्यक्रमों में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पाईसा, ज्वालामुखी तथा ग्राम पंचायत परागपुर में कार्यक्रम आयोजित किये। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं तथा ग्रामीणों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई। 


  कलाकारों ने नुक्कड़ नाटकों व गीतों के माध्यम से बताया कि युवाओं को नशे जैसे भयानक रोग से बचने के लिए उन्हें खेल गतिविधियों की तथा पढ़ाई की और अधिक ध्यान देना होगा। उन्होंने आग्रह किया कि वे सदैव नशे से दूर रहने का संकल्प के साथ अपने दोस्तों को भी नशे से दूर रखने में सहायक बने। उन्होंने बताया कि नशे के सेवन से शारीरिक एवं मानसिक हानि के साथ आर्थिक नुकसान तथा सामाजिक अपयश का कारण बनता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि नशे के समाप्त करने का संकल्प लेने के साथ प्रदेश को स्वच्छ बनाने के लिए भी प्रतिज्ञाबद्ध हों  


  कलाकारों ने बताया कि नशे का सेवन घातक है। नशे के सेवन से शारीरिक विकार जैसे मुंह, गले, लीवर, फेफड़े, दिल, गुर्दे व त्वचा में संग्रमण हो सकता है। इसके अतिरिक्त मुंह, गले, आंत, लीवर व फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। नशा परिवारिक कलह व झगड़ों को जन्म देता है। नशे के सेवन वाला व्यक्ति चोरी, डकैती, व्यभिचार, तस्करी जैसे अपराधों में संलिप्त हो जाते हैं तथा समाज ऐसे व्यक्तियों की गणना बुरे व्यक्तियों में करता है जिससे व हीन भावना से ग्रस्त हो जाते हैं।


  कलाकारों ने बताया कि बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए अभिभावकों का अहम रोल होता है। माता-पिता को चाहिए की वह बच्चों का पूरा-पूरा ध्यान रखें तथा उनके साथ अधिक से अधिक समय बिताएं तथा बच्चों व उनके साथियों की गतिविधियों पर पूरा-पूरा ध्यान रखें।


इस अवसर पार पाईसा स्कूल के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश हीर, ज्वालामुखी स्कूल के प्रधानाचार्य  अशोक कुमार, तहसील कल्याण अधिकारी  आदर्श शर्मा, ग्राम पंचायत परागपुर के प्रतिनिधियों सहित स्कूलों के अध्यापक तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र व छात्राएं व ग्रामीण मौजूद थे।