बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा का निधन
August 19, 2019 • Yogesh Sharma

- बिहार में तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान 
नई दिल्ली। बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा का सोमवार को नई दिल्ली में निधन हो गया। बताया जा रहा है ‎कि वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

82 वर्षीय मिश्रा तीन बार बिहार के सीएम रह चुके थे। वह केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। बिहार के सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मिश्रा के निधन पर शोक जताया है। मिश्रा के निधन पर बिहार में तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया गया है।

मिश्रा पहली बार 1975 में राज्य के मुख्यमंत्री बने और अप्रैल 1977 तक इस पद पर रहे थे। उसके बाद 1980 उन्होंने तीन साल के लिए मुख्यमंत्री की कमान संभाली। 1989 में मिश्रा तीन महीने के लिए सीएम बने थे। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पूर्व सीएम मिश्रा के सीएम के निधन पर शोक जताया है। मिश्रा के निधन पर राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

पूर्व सीएम का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। मिश्रा तीन बार कांग्रेस पार्टी में रहते हुए बिहार के सीएम पद पर पहुंचे थे। मिश्रा ने बिहार में कांग्रेस को बुलंदियों पर पहुंचाया था। फिलहाल वह जेडीयू के सदस्य थे। बता दें कि मिश्रा बिहार में 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले में भी फंसे थे। 1996 में सामने आए इस मामले में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव अभी जेल काट रहे हैं।


बता दें कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया था। यह मामला दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा था। दुमका कोषागार से करीब 3.76 करोड़ रुपये की अवैध निकासी को लेकर सीबीआई ने 1996 में एफआईआर दर्ज की थी। राशि की निकासी 1995 से 1996 के बीच हुई थी। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 11 अप्रैल 1996 को रिपोर्ट दर्ज की थी।

चारा घोटाले के तीसरे मामले में लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा को चाईबासा कोषागार गबन मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। जगन्नाथ मिश्रा को जमीनी नेता माना जाता था।

वह ऐसे मुख्यमंत्री माने जाते थे जो पंचायत तक के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी करीबी रिश्ता बनाकर रखते थे। मिश्रा के बड़े भाई ललित नारायण मिश्रा रेल मंत्री रह चुके थे। ललित की हत्या के बाद जगन्नाथ मिश्रा पूरी तरह कांग्रेस की राजनीति में रम गए। हालांकि बाद में वैचारिक टकराव के कारण मिश्रा शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल हो गए थे।