निर्मला की राजनीति तक आने की डगर नहीं रही आसान
May 31, 2019 • Yogesh Sharma

-लंदन के एक स्टोर में किया सैल्स गर्ल का काम
नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट में निर्मला सीतारमण की पुन: वापसी हुई है। अबकी बार भी मोदी ने उनपर विश्वास जताते हुए उन्हें वित्त मंत्रालय का जिम्मा सौंपा है। अपने पहले कार्यकाल में निर्मला काफी सक्रिय रहीं और राफेल विवाद पर उन्होंने संसद और बाहर सरकार का अच्छे से डिफेंस भी किया। 

तमिलनाडु के एक साधारण से परिवार से आनेवाली निर्मला ने किसी वक्त में सेल्स गर्ल के रूप में काम किया था। लेकिन फिर भाजपा से जुड़कर कैसे वह सिर्फ 11 साल में यहां तक पहुंचीं। निर्मला का जन्म तमिलनाडु के एक साधारण से परिवार में 18 अगस्त 1959 को हुआ था। उनके पिता रेलवे में काम करते थे और मां घर संभालती थीं। पिता की नौकरी में बार-बार ट्रांसफर होता रहता था, जिसकी वजह से वह तमिलनाडु के कई हिस्सों में रहीं।

सीतारमण ने अपनी शुरुआती पढ़ाई तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से ही की। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन अर्थशास्त्र में की थी। इसके बाद मास्टर्स के लिए वह दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में आईं। इसके बाद उन्होंने इंडो-यूरोपियन टेक्सटाइल ट्रेड में अपनी पीएचडी की रिसर्च की। पढ़ाई के दौरान और बाद भी सीतारमण ने कई जगहों पर काम किया। 

पति संग लंदन में रहने के दौरान निर्मला ने वहां एक घर का सजावटी सामान बेचनेवाली दुकान में सेल्स गर्ल के रूप में भी काम किया था। बाद में वह लंदन में कृषि इंजिनियर्स एसोसिएशन से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने लंदन में ही प्राइस वॉटर हाउस नाम की कंपनी में सीनियर मैनेजर के रूप में काम किया। वह कुछ वक्त के लिए बीबीसी से भी जुड़ीं। इसके बाद वापस भारत आने पर उन्होंने हैदराबाद में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी में डेप्युटी डायरेक्टर के रूप में काम किया।

निर्मला ने 2008 में राजनीति में एंट्री ली और भाजपा जॉइन की। इसके दो साल बाद ही वह भाजपा प्रवक्ता बन चुकी थीं। इसके बाद 26 मई 2014 में मोदी सरकार में उन्हें राज्य मंत्री का पद सौंपा गया। फिर 3 दिसंबर 2017 को हुए कैबिनेट बदलाव में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया। पिछली सरकार में रक्षा मंत्री बनते ही निर्मला सीतारमण ने एक रेकॉर्ड अपने नाम कर लिया था।

वह रेकॉर्ड था देश की दूसरी महिला रक्षा मंत्री बनने का। निर्मला से पहले सिर्फ इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार में यह चार्ज लिया था। जेएनयू में पढ़ाई के दौरान निर्मला की मुलाकात डॉ. परकाला प्रभाकर से हुई थी। वह भी वहीं पढ़ते थे। फिर बाद में दोनों ने शादी कर ली। फिलहाल दोनों की एक बेटी है।