ग्रेटर मुंबई के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल ने राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिक ओलंपियाड प्रतियोगिता में बनाई अपनी दमदार जगह
March 14, 2019 • Yogesh Sharma

मुंबई : प्रार्थमिक विद्या को बढ़ावा देने व उसे मजबूत करने के लिए प्राथमिक ओलंपियाड ग्रेड 1 से 5 के छात्रों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणन और मूल्यांकन कार्यक्रम चलाता है।

प्राथमिक ओलंपियाड पहली बार जून 2010 में इंग्लिश ओलंपियाड ष्के नाम से शुरू किया गया था और यह केवल मुंबई तक ही सीमित था। प्राथमिक ओलंपियाड के राष्ट्रीय उत्पाद कॉर्डिनेटरए प्रथम एजुकेशन के श्री अंकित कपूर ने कहा दृ श्9 सालों की ऐक्सीलेंसी के डोमेन में प्राथमिक ओलंपियाड सबसे पुराना ऐसा कार्यक्रम है जो छात्रों और माता.पिता दोनों को विकास क्षेत्रों को और उनके राष्ट्रीय स्तर के अकादमिक प्रदर्शन को समझने में मदद करता है।

पूरे देश से 108 स्कूल और 1200 छात्रों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। इसमें से 4800 छात्र नेशनल राउंड के लिए आगे आए जिनमें 568 छात्र मुंबई के शामिल रहे। यह कार्यक्रम मुंबईए दिल्लीए हैदराबादए पुणेए नासिकए चेन्नईए फजिल्काए बाल्कीए वलसाडए वापीए श्रीनगरए कोलकाताए बैंगलोरए कानपुर और अहमदाबाद जैसे 15 शहरों में किया गया।

पिछले 9 वर्षों की तरहए 2018.2019 में जब नगर निगम ग्रेटर मुंबई.शिक्षा विभाग प्राथमिक ओलंपियाड से जुड़ा तो वे इस बात से भली भांति वाकिफ थे कि वे अब बड़ी लीग में आ चुके हैं। ओलंपियाड में भाषाए गणित और विज्ञान खंड शामिल होते हैं।

सुश्री रचना शिंदे ;डब्ळडद्ध के अनुसारए श्री महेश पालकर ;शिक्षा अधिकारीद्ध ने इसकी पहल की थी, यह ध्यान में रखते हुए कि शिक्षा की गुणवत्ता को जमीनी स्तर पर और प्रारंभिक स्तर से बढ़ाने की आवश्यकता है। प्राथमिक ओलंपियाड ने हमें अपने छात्रों को कॉम्पटीशन की आदत को सीखने और विकसित करने का वो माध्यम दिया जो आने वाले भविष्य में उनकी प्रतीक्षा कर रहा है। हम आशा करते हैं कि हमारे जैसे और संस्थान भी ऐसे रास्तों के लिए सक्रिय रूप से शामिल होने चाहिए जहाँ बच्चे भाग ले सकेंए ज्ञान प्राप्त कर सकें और उसी में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।

अपने नेशनल राउंड की ओर बढ़ते हुए प्राथमिक ओलंपियाड के लिए केवल 568 छात्र ही सभी तीन विषयों में क्वालीफाई करने में सक्षम रहे। इस संबंध में श्री प्रकाश चारेट ;डाय ईण्ओण्द्ध ने भी कहा किए ष्यह घोषणा करते हुए हमें गर्व हो रहा है कि 568 छात्रों में से 150 छात्र एमसीजीएम से हैं। आशा है कि हमारी पहल प्राथमिक स्तर की शिक्षा में जल्द ही बदलाव लाएगी।