गणपति अपने गांव चले... कैसे हमको चैन पड़े... जिसने जो माँगा उसने वह पाया...रस्ते पे हैं सब लोग खड़े... मोरया रे... मोरया रे 
September 11, 2019 • Yogesh Sharma

० भक्तों ने किया गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन
० पंचक के पूर्व ही हवन-पूजन के बाद अरपा नदी में किया गणपति का विसर्जन
० घरों व पंडालों में हवन की विधि हुई पूरी


बिलासपुर। देवा हो देवा गणपति देवा तुम से बढक़र कौन..., गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ..., गणपति अपने गांव चले...जैसे स्वर सुबह से ही गूंजते रहे। घरों व पंडालों में स्थापित किए गए भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सुबह मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया गया। उसके बाद विसर्जन की विधि पूरी कर नदी के तट पर पहुंचे। जहां पर भगवान गणेश का जयघोष कर प्रतिमाओं का विसर्जन किया।


अनंत चतुर्दशी का पर्व १२ सितंबर को मनाया जाएगा। इसके पूर्व ही भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार को सुबह से ही पचरी घाट, शिवघाट, रपटा, रेतघाट जैसे तटों पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालु विसर्जन के लिए पहुंचे। घाटों पर वैदिक विधियों से पूजन करते हुए गणपति बप्पा मोरिया...कहते हुए विसर्जन करते रहे। इस दौरान घरों व पंडालों में स्थापित किए गए भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए लोग परिवार के साथ पहुंचे।


० हवन के दौरान गूंजे मंत्र
शहर के कई गणपति पंडालों में हवन की विधि की गई। जिसमें सकरण्डा श्याम प्लाजा गणेशोत्सव समिति, नूतन चौक गणेशोत्सव समिति, सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति सहित कई समितियों ने हवन की विधि पूरी की। इसके साथ ही घरों में विराजे भगवान गणेश का विसर्जन भी करने के लिए हवन की विधि पूरी की गई। इसमें हवन के दौरान मंत्रोच्चारण गूंजते रहे।


० बच्चे-बड़े सभी पहुंचे विसर्जन करने 
भगवान गणेश के प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए रंग-गुलाल उड़ाते भजन गाते हुए बच्चे-बड़े सभी उत्साह से पहुंचे। हर कोई भगवान गणेश को अगल बरस जल्दी आने का न्यौता देते रहे। चारों तरफ रहा उत्साह व उमंग का माहौल। विसर्जन के दौरान भगवान के विदा होने से लोग भावुक भी हुई साथ ही सुख-समृद्धि प्रदान करने की कामना की।


० भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ लेते रहे सेल्फी
गणेशोत्सव के समापन पर भी सेल्फी का आनंद लोग लेते रहे। टेक्नॉलाजी के दौर में लोग हर एक मोमेंट को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैप्चर करते रहे। जिसके लिए लोग ग्रुप फोटो के साथ ही सेल्फी का भी आनंद लेते रहे।