एसबीआई जनरल इंश्योरेंस में 26 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी
June 24, 2019 • Yogesh Sharma

-आईएजी का हिस्सा लेने के लिए पीई फंड्स भी लगा रही जोर
मुंबई। बीमा क्षेत्र की मशहूर कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस में 26 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी चल रही है। यह हिस्सा खरीदने के लिए प्रेमजी इनवेस्ट, कार्लाइल, क्रिसकैपिटल और सिंगापुर के जीआईसी सहित अन्य निवेशकों को चयनीत किया गया है।

इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि कंपनी में इतने स्टेक के लिए किसी निवेशक को 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। कंपनी में यह हिस्सेदारी इंश्योरेंस ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (आईएजी) बेच रहा है। इस सौदे में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस की कीमत 12 हजार करोड़ रुपये लगाई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि सौदा गोल्डमैन सैक्स की देखरेख में होगा और जल्द ही इसका ऐलान किया जा सकता है।

एक सूत्र ने बताया, 'डील फाइनल स्टेज में है। कुछ हफ्तों में इसका ऐलान हो सकता है। इसके बाद संबंधित निवेशकों को इंश्योरेंस रेगुलेटर से मंजूरी लेनी पड़ेगी।'


इस खबर पर प्रेमजी इनवेस्ट ने कमेंट करने से मना कर दिया। क्रिसकैपिटल, कार्लाइल और आईएजी ने पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए, जबकि जीआईसी ने प्रतिक्रिया के लिए तुरंत संपर्क नहीं हो सका। एसबीआई ग्रुप की एक और कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की रेस में भी कार्लाइल और जीआईसी शामिल हैं। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस में प्राइवेट इक्विटी निवेशक मिलकर या ग्रुप बनाकर हिस्सेदारी ले सकते हैं।

एक सूत्र ने बताया कि जीआईसी इसके लिए क्रिसकैपिटल से हाथ मिला सकती है। क्रिसकैपिटल पहले भी दूसरे फंड्स के साथ मिलकर निवेश करती रही है। एसबीआई और आईएजी ने साल 2010 में ज्वाइंट वेंचर बनाकर यह कंपनी शुरू की थी। इसमें एसबीआई के पास 74 फीसदी और एआईजी के पास 26 फीसदी हिस्सेदारी है। निजी क्षेत्र में ग्रॉस रिटेन प्रीमियम के लिहाज से यह 8वीं बड़ी जनरल इंश्योरेंस कंपनी है। वहीं, इसका मार्केट शेयर 5.77 फीसदी है। आईएजी ने 9 साल पहले 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 542 करोड़ खर्च किए थे।


एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के एक अधिकारी ने बताया, 'पहले री-इंश्योरेंस कंपनियों में इसमें हिस्सेदारी लेने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन इससे हितों के टकराव का मामला बनता क्योंकि वे ट्रीटी के जरिये हमें सपोर्ट करती हैं।' ऑस्ट्रेलिया की जनरल इंश्योरेंस कंपनी एआईजी एशिया-पैसिफिक में अपने बिजनेस में बदलाव कर रही है और इसलिए उसने इंडोनेशिया, थाईलैंड और वियतनाम से निकलने का फैसला किया है।

आईएजी न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बिजनेस पर अधिक ध्यान देना चाहती है। पिछले साल सितंबर में एसबीआई ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस में 4 फीसदी हिस्सेदारी 482 करोड़ रुपये में एक्सिस न्यू ऑपर्च्युनिटीज फंड और प्रेमजी इनवेस्ट को बेची थी। इस डील में कंपनी की कीमत 12 हजार करोड़ रुपये लगाई गई थी।

एसबीआई के पास अभी इस कंपनी में 70 फीसदी हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2019 में 30 इंश्योरेंस कंपनियों में इसकी मार्केटिंग रैंकिंग 13वीं थी। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का ग्रॉस रिटेन प्रीमियम 32.83 फीसदी बढ़कर 4,717 करोड़ रुपये हो गया, वहीं इंडस्ट्री के लिए इसकी औसत ग्रोथ 12.95 फीसदी थी।